CG News: पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करना सरपंच को पड़ा भारी, SDM ने तत्काल प्रभाव से किया बर्खास्त

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CG News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पहली पत्नी के जीवित रहते बिना कानूनी तलाक दूसरी शादी करने के मामले में ग्राम पंचायत खंगारपाट के सरपंच कमल बघेल पर बड़ी कार्रवाई हुई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा की अदालत ने मामले को गंभीर पदीय दुराचरण मानते हुए सरपंच को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया है। इस संबंध में आदेश 24 अगस्त 2026 को जारी किया गया।

पहली पत्नी ने SDM कोर्ट में लगाई थी गुहार
मामला ग्राम पंचायत खंगारपाट का है। सरपंच कमल बघेल की पहली पत्नी हरिप्रिया बघेल ने छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम की धारा 40 के तहत एसडीएम न्यायालय में आवेदन देकर सरपंच को पद से हटाने की मांग की थी।

आवेदन में हरिप्रिया ने बताया कि उनका विवाह 27 मार्च 2021 को आर्य समाज, रायपुर में कमल बघेल के साथ हुआ था। दोनों का एक पुत्र भी है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरपंच निर्वाचित होने के बाद कमल बघेल ने उन्हें कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और घर से बाहर कर दिया। इसके बाद उन्होंने प्रीति बारले नाम की महिला को दूसरी पत्नी के रूप में साथ रखना शुरू कर दिया।

15 फरवरी 2026 को दूसरी शादी का दावा
मामले की सुनवाई के दौरान सरपंच ने आरोपों को व्यक्तिगत और पारिवारिक विवाद बताते हुए पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि पंचायत में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है।

हालांकि, सुनवाई के दौरान पेश किए गए दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय के सामने दूसरी शादी से जुड़े तथ्य सामने आए। रिकॉर्ड के अनुसार, 15 फरवरी 2026 को आर्य समाज, भिलाई में कमल बघेल का प्रीति बारले के साथ विवाह हुआ था।

प्रतिपरीक्षण के दौरान सरपंच ने यह भी स्वीकार किया कि दूसरी महिला उनके घर में रह रही है। वहीं, जनपद पंचायत की संयुक्त जांच रिपोर्ट में भी उनके द्वारा दो पत्नियां रखने की पुष्टि होने का उल्लेख किया गया।

कोर्ट ने माना- निर्वाचित जनप्रतिनिधि के लिए गंभीर पदीय दुराचरण
एसडीएम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा पहली वैध पत्नी के रहते दूसरी महिला से विवाह करना और उसे साथ रखना सामाजिक मर्यादा, लोकनीति और सर्वमान्य सदाचार के विपरीत आचरण है। अदालत ने इस आचरण को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत स्त्रियों के सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला गंभीर पदीय दुराचरण माना।

सरपंच पद से तत्काल बर्खास्त
मामले में उपलब्ध दस्तावेजों, गवाहियों और जांच रिपोर्ट पर विचार करने के बाद एसडीएम न्यायालय ने कमल बघेल को ग्राम पंचायत खंगारपाट के सरपंच पद से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। आदेश 24 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। इसके साथ ही कमल बघेल का सरपंच पद तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गया है। यह मामला इस वजह से भी चर्चा में है कि पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधि के निजी आचरण को लेकर शुरू हुई शिकायत अंततः पंचायती राज अधिनियम के तहत पद से बर्खास्तगी तक पहुंच गई।

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