CJP Protest Controversy: दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सीलमपुर का कथित हिस्ट्रीशीटर और नामी बदमाश हाजी अफजाल प्रदर्शन में शामिल दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आंदोलन की प्रकृति, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक समर्थन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि हाजी अफजाल के खिलाफ मकोका (MCOCA), हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह फिलहाल जमानत पर बाहर है। हालांकि इन मामलों में अदालत द्वारा अंतिम फैसला अभी नहीं आया है और आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
संसद मार्च में शामिल होने का दावा, VIDEO हुआ वायरल
आरोप है कि 20 जुलाई को CJP द्वारा आयोजित जंतर-मंतर से संसद तक विरोध मार्च में हाजी अफजाल अपने समर्थकों के साथ शामिल हुआ था। वायरल वीडियो में वह सफेद कुर्ता-पायजामा पहने प्रदर्शनकारियों के बीच आगे चलता दिखाई देता है। उसके साथ कई अन्य लोग भी नजर आते हैं, जो नारेबाजी करते हुए मार्च में शामिल दिख रहे हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि इस वीडियो को कथित तौर पर हाजी अफजाल ने स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि इतने बड़े राष्ट्रीय आंदोलन में गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहा व्यक्ति कैसे शामिल हुआ और क्या आयोजकों को उसकी मौजूदगी की जानकारी थी?
आंदोलन पर उठे नए सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद आंदोलन के विरोधी और समर्थक दोनों पक्षों में बहस तेज हो गई है। एक पक्ष का कहना है कि किसी सार्वजनिक प्रदर्शन में कोई भी नागरिक व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकता है, जबकि दूसरा पक्ष सवाल उठा रहा है कि यदि किसी विवादित आपराधिक छवि वाले व्यक्ति की मौजूदगी थी तो क्या आयोजकों ने उसकी पहचान और भूमिका की पुष्टि की थी?
फिलहाल इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि हाजी अफजाल को आंदोलन में किसी संगठन की ओर से आमंत्रित किया गया था या वह व्यक्तिगत तौर पर प्रदर्शन में शामिल हुआ था।
राजनीतिक कनेक्शन भी चर्चा में
हाजी अफजाल का राजनीतिक संबंध भी चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के मुताबिक उसकी पत्नी दिल्ली के सीलमपुर वार्ड से आम आदमी पार्टी (AAP) की निगम पार्षद हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई राजनीतिक दावे और आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
हालांकि अब तक ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि हाजी अफजाल की मौजूदगी किसी राजनीतिक दल की ओर से प्रायोजित या अधिकृत थी।
CJP आंदोलन को AAP का मिला था खुला समर्थन
गौरतलब है कि शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी ने CJP के आंदोलन का समर्थन किया था। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, आतिशी, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय समेत कई नेता जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शामिल हुए थे। इन नेताओं ने आंदोलन को छात्रों की आवाज बताते हुए केंद्र सरकार से मांगों पर विचार करने की अपील की थी।
संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
20 जुलाई को CJP ने जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शन में शामिल हुए। संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने के दावे किए गए, जबकि दिल्ली पुलिस ने भी अपने कई जवानों के घायल होने की बात कही थी। घटना के बाद अरविंद केजरीवाल अस्पताल पहुंचे थे और घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर सरकार पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया था।
सोनम वांगचुक के आंदोलन से भी जुड़ा रहा मंच
यह आंदोलन पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में भी लगातार चर्चा में रहा। जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले धरने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें वहां से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
आंदोलन की मुख्य मांग क्या है?
CJP और आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि कथित NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं और भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इसी मांग को लेकर जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
CJP और AAP की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
हाजी अफजाल का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक CJP या आम आदमी पार्टी की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हाजी अफजाल किसी संगठन के प्रतिनिधि के रूप में आंदोलन में शामिल हुआ था या केवल व्यक्तिगत तौर पर वहां पहुंचा था। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।
