Raipur News: रायपुर में नल कनेक्शन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस नल कनेक्शन को साल 2021 में काट दिया गया था और पुराने बकाये का भुगतान भी कराया जा चुका था, उसी कनेक्शन के नाम पर करीब तीन साल बाद ₹1,96,456 का जल शुल्क और सरचार्ज वसूली नोटिस जारी कर दिया गया। मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अतिरिक्त खंडपीठ रायपुर पहुंचा, जहां आयोग ने RDA की कार्रवाई को सेवा में कमी और मनमानी माना।
आयोग ने RDA द्वारा जारी ₹1,96,456 के वसूली ज्ञापन को निरस्त कर दिया है। साथ ही शिकायतकर्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के तौर पर ₹15 हजार देने का आदेश दिया है। यह राशि 45 दिनों के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुंडू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस की पीठ ने की।
2021 में कट गया था नल कनेक्शन
मामला रायपुर के न्यू शांति नगर का है। यहां रहने वाली डॉ. सौम्य पाण्डेय के मुताबिक, उनकी दिवंगत माता सुनीता पाण्डेय ने साल 2010 में RDA की रावाभांठा योजना के तहत 30 वर्ष की लीज पर भूखंड लिया था।
भूखंड पर पानी के लिए नल कनेक्शन लगाया गया था, लेकिन उससे पानी नहीं आ रहा था। समस्या को लेकर शिकायत करने के बाद कनेक्शन काटने के लिए आवेदन किया गया। इसके बाद 17 मार्च 2021 को RDA ने नल कनेक्शन काट दिया। कनेक्शन काटने के एवज में ₹1,100 शुल्क और उस समय की बकाया राशि का भुगतान भी कराया गया।
कनेक्शन कटा, बकाया चुकाया… फिर भेज दिया ₹1.96 लाख का नोटिस
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, कनेक्शन काटे जाने के करीब तीन साल बाद 5 नवंबर 2024 को RDA ने दिवंगत सुनीता पाण्डेय के नाम पर ₹1,96,456 की वसूली का नोटिस जारी कर दिया।
नोटिस में जल शुल्क और सरचार्ज की राशि बताई गई थी। कनेक्शन पहले ही कट चुका था और पुराने बकाये का भुगतान भी किया जा चुका था। इसके बावजूद लाखों रुपये का नोटिस मिलने से परिवार परेशान हो गया। इसके बाद डॉ. सौम्य पाण्डेय ने अधिवक्ता आर.के. भावनानी के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
सुनवाई में RDA की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष RDA की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। उपलब्ध तथ्यों और मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद आयोग ने RDA की कार्रवाई को सेवा में कमी और मनमानी माना। आयोग ने ₹1,96,456 के वसूली ज्ञापन को निरस्त करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
आयोग का आदेश, 45 दिन में देने होंगे ₹15 हजार
जिला उपभोक्ता आयोग ने RDA को शिकायतकर्ता को ₹15 हजार की राशि मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में देने का आदेश दिया है। आयोग ने यह भुगतान 45 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले के बाद मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जिस कनेक्शन को तीन साल पहले काट दिया गया था, उसके नाम पर बाद में करीब दो लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया गया। आयोग के फैसले ने ऐसी बिलिंग और वसूली प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
